अब और स्वीकार नहीं मुझे मेरे धर्म का अपमान,अब आवाजें उठेंगी।


एक फैशन बन गया है आजकल,
महिला सशक्तिकरण की बातों के नाम पर धर्म को निशाना बनाने का,उस धर्म को निशाना बनाने का जहां महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है,जिस धर्म की हर पौराणिक गाथाओं में स्त्री सम्मान को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है,जहां मनुष्य तो मनुष्य, पशु पक्षियों तक ने स्त्री सम्मान में अपने प्राण त्याग दिए..
जटायु,जिन्होंने जब तक शरीर में शक्ति रही मां सीता के लिए लड़ाई जारी रखी और जब रावण के आगे हार गए तो मौत तक से भी हठ ले ली, स्वीकार नहीं किया मौत को तब तक जब तक श्री राम को माता सीता का हाल न सुना दिया,
तो हाथ जोड़कर विनती है आपको नास्तिक रहना है रहे, हमें आपकी नास्तिकता से कोई आपत्ती नही किंतु यदी हमारी आस्था हमारे धर्म का मज़ाक बनाया गया तो अब हम चुप नहीं बैठेंगे ..!!
हम भी महिलाओं को बराबर दर्जा दिलाने की इस लड़ाई में आपके साथ है यदी आप इस लड़ाई में अपने मुद्दों से हटकर किसी भी धर्म को निशाना न बनाएं तो।
जय श्री राम।🙏🚩

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