तू सुलझी पहेली,है तेरा मोल ही क्या !🍁


  

कभी ऐसा हुआ है कि आप एक व्यक्ति को काफी वक्त से 'ना' नाम की गोली दे रहे हों और वह व्यक्ति अपनी पूरी शिद्दत से आपकी ना को हां में बदलवाने की हर मुमकिन कोशिशें करता है, फिर जैसे ही आपकी ना,हां में बदल जाती है,सामने वाला इंसान बदलने लगता है, ना जाने क्यों अब आप उसे इतने आकृषित नहीं लग रहे होते और एक दिन वह इंसान अचानक आपका काटकर मौका-ए-वारदात से फुर्र से फरार हो जाता है,और आप सोच में डूबे रह जाते है कि यह हुआ क्या !?

होता दरअसल यह है कि आप तभी तक आकृषित लगते है जब तक आपको जीता नहीं जा सकता,जिस दिन आपकी ना, हां में बदल गई आप आकृषित लगना बंद हो जाएंगे और सामने वाला व्यक्ति निकल पड़ता है एक नई पहेली सुलझाने, आखिर एक सुलझी पहेली में किसे ही आनंद आता है, रोमांच तो एक कठीन पहेली को बूझने में है।

किंतु कुछ ग़लत इंसानों के कारण अपने आप को न बदलें,हर बार धोखे खाएंगे परंतु खुद को नहीं खोना, क्योंकि तुम यही हो,पल में किसी से मुहब्बत हो जाना,पल में किसी अंजान से जुड़ जाना ,किसी को ना कभी नहीं कह पाना और औरों की खुशियों के लिए झुक जाना,

यह नहीं कहता कि इंतजार करो एक बेहतर इंसान आएगा, क्योंकि यह फिल्म नहीं असल जिंदगी है,असल जिंदगी में बेहतर इंसान कम आते है,, परंतु किसी और कि गलतियों के लिए खुद को क्यों बदलना आप जो है वही रहें, क्योंकि इस दुनिया में साफ दिल से ज्यादा खुबसूरत और आकृषित कुछ नहीं !!❤️


#selflove

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